islam(इस्लाम) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 21, 2021 कभी अर्श पर कभी फर्श पर कभी उनके दर कभी दरबदर गमे आसकी तेरा सुक्रिया मैं कहाँ कहाँ से गुज़र गया । कभी रास्तो पे तन्हा कभी हुबरू दे सहारा मैं जुनू का हमसफ़र हु मेरा कोई घर नही है।👳 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
sayri October 01, 2021 खुदि को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहके खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है। Read more
imosnal sayri October 03, 2021 चलती फिरती हुई आँखों से अजा देखी है मैंने ज़न्नत तो नही देखी माँ देखी है हमारा अल्लाह ने जन्नत हो माँ के कदमो के नीचे लाकर रख दिया। Read more
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