imosnal sayri



चलती फिरती हुई आँखों से अजा देखी है मैंने ज़न्नत तो नही देखी माँ देखी है 

हमारा अल्लाह ने जन्नत हो माँ के कदमो के नीचे लाकर रख दिया।

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